प्रधानमंत्री ने एनएच-19 पर वाराणसी प्रयागराज खंड की छह लेन चौड़ीकरण परियोजना का उद्घाटन किया

दशकों तक किसानों के साथ किए गए छल से उन्हें भयभीत रखा गया लेकिन अब किसानों के साथ छल बंद हो गया है और काम पूरी शुद्धता के साथ हो … Read More

नए कृषि सुधारों ने किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार भी खोले हैं: प्रधानमंत्री मोदी

दिल्ली, 29 नवम्बर: भारत मे खेती और उससे जुड़ी चीजों के साथ नए आयाम जुड़ रहे है। बीते दिनों हुए कृषि सुधारों ने किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार भी खोले हैं। बरसों से किसानों की जो माँग थी, जिन मांगो को पूरा करने के लिए किसी न किसी समय में हर राजनीतिक दल ने उनसे वायदा किया था, वो मांगे पूरी हुई हैं। काफ़ी विचार विमर्श के बाद भारत की संसद ने कृषि सुधारों को कानूनी स्वरुप दिया। इन सुधारों से न सिर्फ किसानों के अनेक बन्धन समाप्त हुये हैं , बल्कि उन्हें नये अधिकार भी मिले हैं, नये अवसर भी मिले हैं। इन अधिकारों ने बहुत ही कम समय में, किसानों की परेशानियों को कम करना शुरू कर दिया है। महाराष्ट्र के धुले ज़िले के किसान, जितेन्द्र भोइजी ने, नये कृषि कानूनों का इस्तेमाल कैसे किया, ये आपको भी जानना चाहिये। जितेन्द्र भोइजी ने मक्के की खेती की थी और सही दामों के लिए उसे व्यापारियों को बेचना तय किया। फसल की कुल कीमत तय हुई करीब तीन लाख बत्तीस हज़ार रूपये। जितेन्द्र भोइ को पच्चीस हज़ार रूपये एडवांस भी मिल गए थे। तय ये हुआ था कि बाकी का पैसा उन्हें पन्द्रह दिन में चुका दिया जायेगा। लेकिन बाद में परिस्थितियां ऐसी बनी कि उन्हें बाकी का पेमेन्ट नहीं मिला। किसान से फसल खरीद लो, महीनों – महीनों पेमेन्ट न करो, संभवतः मक्का खरीदने वाले बरसों से चली आ रही उसी परंपरा को निभा रहे थे। इसी तरह चार महीने तक जितेन्द्र जी का पेमेन्ट नहीं हुआ। इस स्थिति में उनकी मदद की सितम्बर मे जो पास हुए हैं, जो नए कृषि क़ानून बने हैं – वो उनके काम आये। इस क़ानून में ये तय किया गया है, कि फसल खरीदने के तीन दिन में ही, किसान को पूरा पेमेन्ट करना पड़ता है और अगर पेमेन्ट नहीं होता है, तो, किसान शिकायत दर्ज कर सकता है। कानून में एक और बहुत बड़ी बात है, इस क़ानून में ये प्रावधान किया गया है कि क्षेत्र के एस.डी.एम(SDM) को एक महीने के भीतर ही किसान की शिकायत का निपटारा करना होगा। अब, जब, ऐसे कानून की ताकत हमारे किसान भाई के पास थी, तो, उनकी समस्या का समाधान तो होना ही था, उन्होंने शिकायत की और चंद ही दिन में उनका बकाया चुका दिया गया। यानि कि कानून की सही और पूरी जानकारी ही जितेन्द्र जी की ताकत बनी। क्षेत्र कोई भी हो, हर तरह के भ्रम और अफवाहों से दूर, सही जानकारी, हर व्यक्ति के लिए बहुत बड़ा सम्बल होती है। किसानों में जागरूकता बढ़ाने का ऐसा ही एक काम कर रहे हैं, राजस्थान के बारां जिले में रहने वाले मोहम्मद असलम जी । ये एक किसान उत्पादक संघ के CEO भी हैं। जी हाँ, आपने सही सुना, किसान उत्पादक संघ के CEO । उम्मीद है, बड़ी बड़ी कम्पनियों के CEOs को ये सुनकर अच्छा लगेगा कि अब देश के दूर दराज वाले इलाको में काम कर रहे किसान संगठनों मे भी CEOs होने लगे हैं, तो साथियो, मोहम्मद असलम जी ने अपने क्षेत्र के अनेकों किसानों को मिलाकर एक WhatsApp group बना लिया है। इस group पर वो हर रोज़, आस-पास की मंडियो में क्या भाव चल रहा है, इसकी जानकारी किसानों को देते हैं। खुद उनका FPO भी किसानों से फ़सल खरीदता है, इसलिए, उनके इस प्रयास से किसानों को निर्णय लेने में मदद मिलती है। साथियो, जागरूकता है, तो, जीवंतता है। अपनी जागरूकता से हजारों लोगों का जीवन प्रभावित करने वाले एक कृषि उद्यमी श्री वीरेन्द्र यादव जी हैं। वीरेन्द्र यादव जी, कभी ऑस्ट्रेलिया में रहा करते थे। दो साल पहले ही वो भारत आए और अब हरियाणा के कैथल में रहते हैं। दूसरे लोगों की तरह ही, खेती में पराली उनके सामने भी एक बड़ी समस्या थी। इसके solution के लिए बहुत व्यापक स्तर पर काम हो रहा है, लेकिन, आज, ‘मन की बात’ में, मैं, वीरेन्द्र जी को विशेष तौर पर जिक्र इसलिए कर रहा हूँ, क्योंकि, उनके प्रयास अलग हैं, एक नई दिशा दिखाते हैं। पराली का समाधान करने के लिए वीरेन्द्र जी ने, पुआल की गांठ बनाने वाली straw baler मशीन खरीदी। इसके लिए उन्हें कृषि विभाग से आर्थिक मदद भी मिली। इस मशीन से उन्होंने पराली के गठठे बनाने शुरू कर दिया। गठठे बनाने के बाद उन्होंने पराली को Agro Energy Plant और paper mill को बेच दिया। आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि वीरेन्द्र जी ने पराली से सिर्फ दो साल में डेढ़ करोड़ रुपए से ज्यादा का व्यापार किया है, और उसमें भी, लगभग 50 लाख रुपये मुनाफा कमाया है। इसका फ़ायदा उन किसानों को भी हो रहा है, जिनके खेतों से वीरेन्द्र जी पराली उठाते हैं। हमने कचरे से कंचन की बात तो बहुत सुनी है, लेकिन, पराली का निपटारा करके, पैसा और पुण्य कमाने का ये अनोखा उदाहरण है। मेरा नौजवानों, विशेषकर कृषि की पढ़ाई कर रहे लाखों विद्यार्थियों से आग्रह है, कि, वो अपने आस-पास के गावों में जाकर किसानों को आधुनिक कृषि के बारे में, हाल में हुए कृषि सुधारो के बारे में, जागरूक करें। ऐसा करके आप देश में हो रहे बड़े बदलाव के सहभागी बनेंगे।

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અમદાવાદ, ૨૭ નવેમ્બર: પ્રધાનમંત્રી નરેન્દ્ર મોદી આવતીકાલે અમદાવાદના પ્રવાસે છે. ત્યારે તેમના આગમમને લઈને અમદાવાદ પ્રશાસન દ્વારા તડામાર તૈયારીઓ શરૂ કરાઈ છે. ત્યારે ઝાયડસના પ્લાન્ટને ફરતે સઘન સુરક્ષા ગોઠવી દેવાઈ … Read More

सीएम अरविंद केजरीवाल ने पीएम से की अपील कोविड मरीजों के लिए 1000 आइसीयू बेड सुरक्षित कर दिए जाएं

दिल्ली में कोविड के सामान्य बेड की पर्याप्त संख्या उपलब्ध है, आईसीयू बेड की कमी महसूस हो रही है- सीएम अरविंद केजरीवाल दिल्ली में कोरोना की तीसरी लहर 8600 पाॅजिटिव … Read More

પ્રધાનમંત્રીશ્રીએ કોરોના સંક્રમણ નિયંત્રણ – સારવાર સુવિધા અંગે ૮ રાજ્યોના મુખ્યમંત્રીશ્રીઓ સાથે વિડીયો કોન્ફરન્સ યોજી

મુખ્યમંત્રી શ્રી વિજયભાઇ રૂપાણીએ ગુજરાતમાં કોરોના સંક્રમણના વ્યાપ સામે સરકારની સજ્જતા અને સઘન આરોગ્ય સેવાઓ અંગે પ્રધાનમંત્રીશ્રીને માહિતગાર કર્યા રાજ્યમાં કુલ પપ હજાર આઇસોલેશન બેડના ૮ર ટકા એટલે કે ૪પ … Read More

विंध्‍याचल क्षेत्र में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति परियोजना की प्रधानमंत्री ने आधारशिला रखी

प्रधानमंत्री ने उत्‍तर प्रदेश विंध्‍याचल क्षेत्र में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति परियोजना की आधारशिला रखी जल जीवन मिशन के तहत 2.6 करोड़ से ज्‍यादा परिवारों को पाइप के जरिए पेयजल कनेक्‍शन … Read More

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प्रधामंत्री ने गुजरात के गांधीनगर में पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम विश्वविद्यालय के 8वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया विश्वविद्यालय में विभिन्न सुविधाओं का अनावरण किया हमारा उद्देश्य भारत में कार्बन उत्सर्जन … Read More

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16 NOV 2020 by PIB Delhi 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को 2021-22 से 2025-26 की अवधि के लिए आयोग की रिपोर्ट … Read More

नोटबंदी ने काले धन को कम करने, कर अनुपालन बढ़ाने और पारदर्शिता को बढ़ावा देने में मदद की: पीएम

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