जानिए..अहमदाबाद मंडल की कौनसी फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन की सेवा को किया गया विस्तारित

यात्रियों की सुविधा के लिए तथा इस अवधि के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को समायोजित करने के लिए पश्चिम रेलवे द्वारा सूरत एवं पुरी, गांधीधाम एवं विशाखापटनम, गांधीधाम एवं … Read More

पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मण्डल की स्पेशल ट्रेन सेवाओं के परिचालन समय में 1 दिसम्‍बर से बदलाव

पश्चिम रेलवे की विशेष ट्रेनों के परिचालन समय में 1 दिसम्‍बर, 2020 से संशोधन किया जाएगा। अहमदाबाद, 29 नवम्बर: पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री सुमित ठाकुर द्वारा जारी … Read More

नए कृषि सुधारों ने किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार भी खोले हैं: प्रधानमंत्री मोदी

दिल्ली, 29 नवम्बर: भारत मे खेती और उससे जुड़ी चीजों के साथ नए आयाम जुड़ रहे है। बीते दिनों हुए कृषि सुधारों ने किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार भी खोले हैं। बरसों से किसानों की जो माँग थी, जिन मांगो को पूरा करने के लिए किसी न किसी समय में हर राजनीतिक दल ने उनसे वायदा किया था, वो मांगे पूरी हुई हैं। काफ़ी विचार विमर्श के बाद भारत की संसद ने कृषि सुधारों को कानूनी स्वरुप दिया। इन सुधारों से न सिर्फ किसानों के अनेक बन्धन समाप्त हुये हैं , बल्कि उन्हें नये अधिकार भी मिले हैं, नये अवसर भी मिले हैं। इन अधिकारों ने बहुत ही कम समय में, किसानों की परेशानियों को कम करना शुरू कर दिया है। महाराष्ट्र के धुले ज़िले के किसान, जितेन्द्र भोइजी ने, नये कृषि कानूनों का इस्तेमाल कैसे किया, ये आपको भी जानना चाहिये। जितेन्द्र भोइजी ने मक्के की खेती की थी और सही दामों के लिए उसे व्यापारियों को बेचना तय किया। फसल की कुल कीमत तय हुई करीब तीन लाख बत्तीस हज़ार रूपये। जितेन्द्र भोइ को पच्चीस हज़ार रूपये एडवांस भी मिल गए थे। तय ये हुआ था कि बाकी का पैसा उन्हें पन्द्रह दिन में चुका दिया जायेगा। लेकिन बाद में परिस्थितियां ऐसी बनी कि उन्हें बाकी का पेमेन्ट नहीं मिला। किसान से फसल खरीद लो, महीनों – महीनों पेमेन्ट न करो, संभवतः मक्का खरीदने वाले बरसों से चली आ रही उसी परंपरा को निभा रहे थे। इसी तरह चार महीने तक जितेन्द्र जी का पेमेन्ट नहीं हुआ। इस स्थिति में उनकी मदद की सितम्बर मे जो पास हुए हैं, जो नए कृषि क़ानून बने हैं – वो उनके काम आये। इस क़ानून में ये तय किया गया है, कि फसल खरीदने के तीन दिन में ही, किसान को पूरा पेमेन्ट करना पड़ता है और अगर पेमेन्ट नहीं होता है, तो, किसान शिकायत दर्ज कर सकता है। कानून में एक और बहुत बड़ी बात है, इस क़ानून में ये प्रावधान किया गया है कि क्षेत्र के एस.डी.एम(SDM) को एक महीने के भीतर ही किसान की शिकायत का निपटारा करना होगा। अब, जब, ऐसे कानून की ताकत हमारे किसान भाई के पास थी, तो, उनकी समस्या का समाधान तो होना ही था, उन्होंने शिकायत की और चंद ही दिन में उनका बकाया चुका दिया गया। यानि कि कानून की सही और पूरी जानकारी ही जितेन्द्र जी की ताकत बनी। क्षेत्र कोई भी हो, हर तरह के भ्रम और अफवाहों से दूर, सही जानकारी, हर व्यक्ति के लिए बहुत बड़ा सम्बल होती है। किसानों में जागरूकता बढ़ाने का ऐसा ही एक काम कर रहे हैं, राजस्थान के बारां जिले में रहने वाले मोहम्मद असलम जी । ये एक किसान उत्पादक संघ के CEO भी हैं। जी हाँ, आपने सही सुना, किसान उत्पादक संघ के CEO । उम्मीद है, बड़ी बड़ी कम्पनियों के CEOs को ये सुनकर अच्छा लगेगा कि अब देश के दूर दराज वाले इलाको में काम कर रहे किसान संगठनों मे भी CEOs होने लगे हैं, तो साथियो, मोहम्मद असलम जी ने अपने क्षेत्र के अनेकों किसानों को मिलाकर एक WhatsApp group बना लिया है। इस group पर वो हर रोज़, आस-पास की मंडियो में क्या भाव चल रहा है, इसकी जानकारी किसानों को देते हैं। खुद उनका FPO भी किसानों से फ़सल खरीदता है, इसलिए, उनके इस प्रयास से किसानों को निर्णय लेने में मदद मिलती है। साथियो, जागरूकता है, तो, जीवंतता है। अपनी जागरूकता से हजारों लोगों का जीवन प्रभावित करने वाले एक कृषि उद्यमी श्री वीरेन्द्र यादव जी हैं। वीरेन्द्र यादव जी, कभी ऑस्ट्रेलिया में रहा करते थे। दो साल पहले ही वो भारत आए और अब हरियाणा के कैथल में रहते हैं। दूसरे लोगों की तरह ही, खेती में पराली उनके सामने भी एक बड़ी समस्या थी। इसके solution के लिए बहुत व्यापक स्तर पर काम हो रहा है, लेकिन, आज, ‘मन की बात’ में, मैं, वीरेन्द्र जी को विशेष तौर पर जिक्र इसलिए कर रहा हूँ, क्योंकि, उनके प्रयास अलग हैं, एक नई दिशा दिखाते हैं। पराली का समाधान करने के लिए वीरेन्द्र जी ने, पुआल की गांठ बनाने वाली straw baler मशीन खरीदी। इसके लिए उन्हें कृषि विभाग से आर्थिक मदद भी मिली। इस मशीन से उन्होंने पराली के गठठे बनाने शुरू कर दिया। गठठे बनाने के बाद उन्होंने पराली को Agro Energy Plant और paper mill को बेच दिया। आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि वीरेन्द्र जी ने पराली से सिर्फ दो साल में डेढ़ करोड़ रुपए से ज्यादा का व्यापार किया है, और उसमें भी, लगभग 50 लाख रुपये मुनाफा कमाया है। इसका फ़ायदा उन किसानों को भी हो रहा है, जिनके खेतों से वीरेन्द्र जी पराली उठाते हैं। हमने कचरे से कंचन की बात तो बहुत सुनी है, लेकिन, पराली का निपटारा करके, पैसा और पुण्य कमाने का ये अनोखा उदाहरण है। मेरा नौजवानों, विशेषकर कृषि की पढ़ाई कर रहे लाखों विद्यार्थियों से आग्रह है, कि, वो अपने आस-पास के गावों में जाकर किसानों को आधुनिक कृषि के बारे में, हाल में हुए कृषि सुधारो के बारे में, जागरूक करें। ऐसा करके आप देश में हो रहे बड़े बदलाव के सहभागी बनेंगे।

અમદાવાદમાં બે ફ્લાય ઓવરનો ઇ લોકાર્પણ ૩૦મી નવેમ્બર સવારે ૧૦-૩૦ કલાકે થશે

સોમવારે કેન્દ્રીય ગૃહમંત્રીશ્રી ના હસ્તે અમદાવાદમાં બે ફ્લાય ઓવરનો ઇ લોકાર્પણ મુખ્યમંત્રી શ્રી , નાયબ મુખ્યમંત્રીશ્રી ઉપસ્થિત રહેશે સિંધુ ભવન ચાર રસ્તા ફ્લાય ઓવર રૂ. ૩૫ કરોડ – સાણંદ જંકસન … Read More

જામનગર જિલ્લાના કાલાવડ તાલુકાના નાની ભગેડી ગામે ભરવાડ ટપુભાઈ ટારીયાના ૭૯ ઘેટાઓનું થયુ મરણ

અહેવાલ: જગત રાવલ, જામનગર જામનગર, ૨૯ નવેમ્બર: જામનગર જિલ્લાના કાલાવડ તાલુકાના નાની ભગેડી ગામે ભરવાડ ટપુભાઈ ટારીયાના ૭૯ ઘેટાઓનું થયુ મરણઆજે ૭૯ (ઓગણ એંસી) જેવા તેમના ઘેટા કે જેની અંદાજે … Read More

સિંગતેલના ભાવમાં વધારો ડબ્બાનો ભાવ ૨૩૪૦ રૂપિયાને પર. જાણો કેમ થાય છે વધારો..

વરસાદના કારણે સિંગ અન કપાસિયા તેલ ના ભાવમાં સતત વધારો થઈ રહ્યો છે રાજકોટ, ૨૯ નવેમ્બર: રાજકોટમાં સિંગતેલના ભાવમાં ૧૦₹ ના વધારો જોવા મળી રહ્યો છે. જેથી સીંગતેલ ડબ્બાના ભાવ … Read More

કોવિડ ગાઈડ લાઈનનું ઉલ્લંઘન: મંગળ બજાર અને ગધેડા માર્કેટ શાક બજાર ત્રણ દિવસ માટે બંધ કરાવવામાં આવ્યા

વડોદરા, ૨૯ નવેમ્બર: કોવિડનું સંક્રમણ અટકે તે માટે તકેદારીના જરૂરી પગલાં લેવા બનાવવા માં આવેલી પોલીસ અને વડોદરા મહાનગર પાલિકાની સંયુક્ત ટીમોએ શહેરના વિવિધ વિસ્તારો માં માસ્ક પહેરવા અને સોશીયલ … Read More

अगली सूचना तक अहमदाबाद – आगरा फोर्ट एवं अहमदाबाद- ग्वालियर स्पेशल अहमदाबाद स्टेशन से 16.30 बजे चलेगी

अहमदाबाद, 28 नवम्बर: कोरोनावायरस (कॉविड 19) की वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर हाल ही में बढ़ी हुई कोरोना वायरस केसों की संख्या को देखते हुए अहमदाबाद म्युनिसिपल तथा स्वास्थ्य मंत्रालय के … Read More

ओखा-हावड़ा, पोरबंदर-हावड़ा और ओखा-गोरखपुर के बीच चल रही फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें 3 जनवरी, 2021 तक विस्तारित

अहमदाबाद, 28 नवम्बर: पश्चिम रेलवे द्वारा ट्रेनों में यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को कम करने के लिए तथा उनकी सुविधा के लिए ओखा-हावड़ा, पोरबंदर-हावड़ा और ओखा-गोरखपुर के बीच चल रही … Read More

भुज – बरेली फेस्टिवल स्पेशल 31 दिसम्बर तक बढाई गयी

अहमदाबाद, 28 नवम्बर: यात्रियों की मांग एवं सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए भुज एवं बरेली के बीच चलाई जा रही फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें 31 दिसम्बर 2020 तक विस्तारित करने … Read More